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कोविड के बाद होने वाले फटीग सिंड्रोम से कैसे लड़ें?

पोस्ट कोविड फटीग सिंड्रोम कोविड से ठीक होने के 6 महीने बाद तक हो सकता है।

कुछ वायरस ऐसे होते हैं जो शरीर से निकलने के बाद भी अपनी छाप शरीर पर छोड़ जाते हैं। कोरोना भी उन्ही वायरस में से एक है। कोविड पॉजिटिव होने पर या रिकवरी के बाद भी ज़्यादातर लोग बहुत थकान की शिकायत करते हैं। थकान कई बार इतनी होती है कि बिस्तर से उठना और चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है और मांसपेशियों में भी काफी दर्द रहता है। पोस्ट कोविड फटीग सिंड्रोम (Post Covid Fatigue Syndrome) कोविड से ठीक होने के 6 महीने बाद तक हो सकता है। और अगर यह 6 महीने से भी ज़्यादा रहता है तो इसे क्रोनिक पोस्ट कोविड फटीग सिंड्रोम (Chronic Covid Fatigue Syndrome) कहते हैं।

इसके कुछ लक्षण हैं:

  • शरीर में बहुत थकान होना।
  • थकान के साथ साथ लोगों को नींद कि भी प्रॉब्लम हो रही है यानी उन्हें 6 से 8 घंटे कि नींद लेने के बाद भी ऐसा लगता है कि उनकी नींद पूरी नहीं हुई है या वे सोये ही नहीं या उन्हें बार बार नींद आती है।
  • दूसरा बड़ा लक्षण है सर दर्द या सर चकराना। इससे भी आपके शरीर में भारीपन महसूस होता है और थकान जैसा लगता है।
  • इसका तीसरा लक्षण है सोचने समझने कि शक्ति कम हो जाना – जो भी आपके आस पास हो रहा है उसे न समझ पाना। जैसे कि आपके पास खाना रखा है परन्तु आप खा नहीं रहे क्यों आप समझ ही नहीं पा रहे कि ये खाना आपके पास किसने, कब और क्यूँ रखा। इस तरह से यादाश का कम होना, काम पे ध्यान न कर पाना, इमोशनल अस्थिरता, मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करना, खीजा हुआ महसूस करना, आदि परेशानियां लोगों को हो रही हैं।

इस सिंड्रोम से कैसे लड़ें?

  • आपको बहुत अच्छे से अपने शरीर को रेस्ट देना है। रेस्ट देने का मतलब ये नहीं है कि आपको ज़्यादा सोना है, इसका मतलब ये है कि आपको अपने शरीर और दिमाग को रिलैक्स करना है जिससे आप नैचुरली ठीक होंगे।
  • अपने काम कि शुरुआत धीरे धीरे करनी है। अपने आपको ज़्यादा काम नहीं देना है।
  • आपको जो काम करना पसंद हो या जिस काम से आपको अच्छा महसूस हो वो काम आप कर सकते हो।
  • आप हलकी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं पर अपनी डॉक्टर कि सलाह लेने के बाद।
  • टाइम से सोना और टाइम से उठना भी बहुत ज़रूरी है। सोने से पहले और उठने के बाद ध्यान (meditation) ज़रूर करें। इससे आपकी नींद तो अच्छी होगी ही साथ ही आपके दिन कि शुरुआत भी अच्छी होगी।
  • आपका स्क्रीन टाइम कम होना चाहिए यानी आप मोबाइल फ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल न करें।

इस सिंड्रोम से लड़ने के लिए आपको अपने शरीर के साथ साथ अपने दिमाग को भी रेस्ट देना है।अपने इमोशनल स्वास्थ का ज़रूर ध्यान रखना है। पोस्ट कोविड फटीग सिंड्रोम को बिलकुल भी अनदेखा न करें। अपने डॉक्टर कि सलाह से दवाई लें और अपना ध्यान रखें। इससे आपको डरना या परेशान नहीं होना है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति को मज़बूत रखना है।

(यह लेख स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब के निदेशक समीर भाटी द्वारा लिखा गया है)

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